Logo - Feel The Words
IRVHIN

नीतिवचन अध्याय 9 (IRVHIN)

minutes - words.
नीतिवचन अध्याय 9 (IRVHIN)
किसी पद को हाइलाइट करने के लिए टैप करें

1 बुद्धि ने अपना घर बनाया और उसके सातों खम्भे गढ़े हुए हैं।

2 उसने भोज के लिए अपने पशु काटे, अपने दाखमधु में मसाला मिलाया और अपनी मेज लगाई है।

3 उसने अपनी सेविकाओं को आमन्त्रित करने भेजा है; और वह नगर के सबसे ऊँचे स्थानों से पुकारती है,

4 “जो कोई भोला है वह मुड़कर यहीं आए!” और जो निर्बुद्धि है, उससे वह कहती है,

5 “आओ, मेरी रोटी खाओ, और मेरे मसाला मिलाए हुए दाखमधु को पीओ।

6 मूर्खों का साथ छोड़ो, और जीवित रहो, समझ के मार्ग में सीधे चलो।”

7 जो ठट्ठा करनेवाले को शिक्षा देता है, अपमानित होता है, और जो दुष्ट जन को डाँटता है वह कलंकित होता है।

8 ठट्ठा करनेवाले को न डाँट, ऐसा न हो कि वह तुझ से बैर रखे, बुद्धिमान को डाँट, वह तो तुझ से प्रेम रखेगा।

9 बुद्धिमान को शिक्षा दे, वह अधिक बुद्धिमान होगा; धर्मी को चिता दे, वह अपनी विद्या बढ़ाएगा।

10 यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्र परमेश्वर को जानना ही समझ है।

11 मेरे द्वारा तो तेरी आयु बढ़ेगी, और तेरे जीवन के वर्ष अधिक होंगे।

12 यदि तू बुद्धिमान है, तो बुद्धि का फल तू ही भोगेगा; और यदि तू ठट्ठा करे, तो दण्ड केवल तू ही भोगेगा।

13 मूर्खता बक-बक करनेवाली स्त्री के समान है; वह तो निर्बुद्धि है, और कुछ नहीं जानती।

14 वह अपने घर के द्वार में, और नगर के ऊँचे स्थानों में अपने आसन पर बैठी हुई

15 वह उन लोगों को जो अपने मार्गों पर सीधे-सीधे चलते हैं यह कहकर पुकारती है,

16 “जो कोई भोला है, वह मुड़कर यहीं आए;” जो निर्बुद्धि है, उससे वह कहती है,

17 “चोरी का पानी मीठा होता है, और लुके-छिपे की रोटी अच्छी लगती है।”

18 और वह नहीं जानता है, कि वहाँ मरे हुए पड़े हैं, और उस स्त्री के निमंत्रित अधोलोक के निचले स्थानों में पहुँचे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

What contrast does Proverbs 9 draw?
The chapter contrasts two invitations: Wisdom, who has built her house and prepared a feast for the simple, and the loud, ignorant woman Folly, who calls people to stolen bread that leads to death.
What does Proverbs 9:1 mean by wisdom's 'seven pillars'?
Verse 1 pictures Wisdom as having 'builded her house' and 'hewn out her seven pillars,' an image of a well-established, complete house before she sends her maidens to invite guests in.
What does 'the fear of the LORD is the beginning of wisdom' mean in Proverbs 9?
Verse 10 states it directly, tying reverence for God to true understanding, a line repeated almost word for word in Psalms 111:10.