1 तब शूही बिल्दद ने कहा,
2 “ प्रभुता करना और डराना यह उसी का काम है; वह अपने ऊँचे-ऊँचे स्थानों में शान्ति रखता है।
3 क्या उसकी सेनाओं की गिनती हो सकती? और कौन है जिस पर उसका प्रकाश नहीं पड़ता?
4 फिर मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में धर्मी कैसे ठहर सकता है? और जो स्त्री से उत्पन्न हुआ है वह कैसे निर्मल हो सकता है?
5 देख, उसकी दृष्टि में चन्द्रमा भी अंधेरा ठहरता, और तारे भी निर्मल नहीं ठहरते।
6 फिर मनुष्य की क्या गिनती जो कीड़ा है, और आदमी कहाँ रहा जो केंचुआ है!”
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
What is Bildad's final, short speech about in Job 25?
What does Job 25:6 mean calling man a worm?
Why is Job 25 one of the shortest chapters in Job?
Bildad's question 'how can he be clean that is born of a woman' echoes an idea explored further in Job 15:14-16. Job answers this challenge directly in Job 26.
