1 जब शाऊल के पुत्र ने सुना, कि अब्नेर हेब्रोन में मारा गया, तब उसके हाथ ढीले पड़ गए, और सब इस्राएली भी घबरा गए।
2 शाऊल के पुत्र के दो जन थे जो दलों के प्रधान थे; एक का नाम बानाह, और दूसरे का नाम रेकाब था, ये दोनों बेरोतवासी बिन्यामीनी रिम्मोन के पुत्र थे, (क्योंकि बेरोत भी बिन्यामीन के भाग में गिना जाता है;
3 और बेरोती लोग गित्तैम को भाग गए, और आज के दिन तक वहीं परदेशी होकर रहते हैं।)
4 शाऊल के पुत्र योनातान के एक लँगड़ा बेटा था। जब यिज्रेल से शाऊल और योनातान का समाचार आया तब वह पाँच वर्ष का था; उस समय उसकी दाई उसे उठाकर भागी; और उसके उतावली से भागने के कारण वह गिरकर लँगड़ा हो गया। उसका नाम मपीबोशेत था।
5 उस बेरोती रिम्मोन के पुत्र रेकाब और बानाह कड़ी धूप के समय ईशबोशेत के घर में जब वह दोपहर को विश्राम कर रहा था आए।
6 और गेहूँ ले जाने के बहाने घर में घुस गए; और उसके पेट में मारा; तब रेकाब और उसका भाई बानाह भाग निकले।
7 जब वे घर में घुसे, और वह सोने की कोठरी में चारपाई पर सो रहा था, तब उन्होंने उसे मार डाला, और उसका सिर काट लिया, और उसका सिर लेकर रातों-रात अराबा के मार्ग से चले।
8 वे ईशबोशेत का सिर हेब्रोन में दाऊद के पास ले जाकर राजा से कहने लगे, “देख, शाऊल जो तेरा शत्रु और तेरे प्राणों का ग्राहक था, उसके पुत्र ईशबोशेत का यह सिर है; तो आज के दिन यहोवा ने शाऊल और उसके वंश से मेरे प्रभु राजा का बदला लिया है।”
9 दाऊद ने बेरोती रिम्मोन के पुत्र रेकाब और उसके भाई बानाह को उत्तर देकर उनसे कहा, “यहोवा जो मेरे प्राण को सब विपत्तियों से छुड़ाता आया है, उसके जीवन की शपथ,
10 जब किसी ने यह जानकर, कि मैं शुभ समाचार देता हूँ, सिकलग में मुझ को शाऊल के मरने का समाचार दिया, तब मैंने उसको पकड़कर घात कराया; अर्थात् उसको समाचार का यही बदला मिला।
11 फिर जब दुष्ट मनुष्यों ने एक निर्दोष मनुष्य को उसी के घर में, वरन् उसकी चारपाई ही पर घात किया, तो मैं अब अवश्य ही उसके खून का बदला तुम से लूँगा, और तुम्हें धरती पर से नष्ट कर डालूँगा।”
12 तब दाऊद ने जवानों को आज्ञा दी, और उन्होंने उनको घात करके उनके हाथ पाँव काट दिए, और उनके शव को हेब्रोन के जलकुण्ड के पास टाँग दिया। तब ईशबोशेत के सिर को उठाकर हेब्रोन में अब्नेर की कब्र में गाड़ दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
What happens to Ishbosheth in this chapter?
How does David respond to Ishbosheth's murderers?
Who is Mephibosheth and how is he introduced here?
Expecting David's gratitude for removing his rival, the assassins are executed instead, since David refuses to reward men who killed an innocent man in his own house. Mephibosheth, mentioned here in passing, becomes central to the story later in 2 Samuel 9:3, once David takes the throne in 2 Samuel 5.
