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Bakrid Wishes

Simple Eid Mubarak lines for Bakrid

Bakrid wishes on this page are kept short and personal — the kind of Eid Mubarak line you'd actually type into a family group chat. Our Bakrid Status collection has even shorter one-liners if you need those instead.

आप सदा यूं ही मुस्कराएं ईद मुबारक

मुबारक हो आपको खुदा की दी हुई यह जिंदगी,
खुशियों से भरी रहे आपकी यह जिंदगी,
गम का साया कभी आप पर ना आए दुआ है यह हमारी, आप सदा यूं ही मुस्कराएं, ईद मुबारक।'

Mubaarak ho aapako khuda kee dee huee yah jindagee,
Khushiyon se bharee rahe aapakee yah jindagee,
Gam ka saaya kabhee aap par na aae dua hai yah hamaaree, aap sada yoon hee muskaraen, eed mubaarak.

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Frequently Asked Questions

"बकरीद" नाम आम बोलचाल में इतना प्रचलित क्यों है?
"बकरीद" दरअसल "बकरा ईद" का ही छोटा, बोलचाल वाला रूप है, जो पूरे उत्तर भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है — इसीलिए शुभकामना संदेश भी अक्सर उसी आम, आत्मीय अंदाज में लिखे जाते हैं, जैसे "मुबारक हो आपको खुदा की दी हुई यह जिंदगी, खुशियों से भरी रहे आपकी यह जिंदगी, गम का साया कभी आप पर ना आए दुआ है यह हमारी, आप सदा यूं ही मुस्कराएं, ईद मुबारक।"
"बकरीद" नाम उत्तर भारत में इतना प्रचलित क्यों है?
"बकरीद" ईद उल-अज़हा का एक और लोकप्रिय हिन्दुस्तानी नाम है, जो खासकर उत्तर भारत में बोलचाल की भाषा में इस्तेमाल होता है। नाम भले ही स्थानीय हो, लेकिन यह वही पावन त्योहार है जो पैग़म्बर इब्राहीम की कुर्बानी और समर्पण की याद में मनाया जाता है।
बकरीद की शुभकामनाओं में सबसे ज्यादा किस चीज की दुआ मांगी जाती है?
सबसे ज्यादा सलामती, खुशहाली और गम से दूर रहने की दुआ मांगी जाती है — "गम का साया कभी आप पर ना आए दुआ है यह हमारी" पंक्ति इसी भावना को सीधे शब्दों में कहती है।
बकरीद पर परिवार और रिश्तेदारों के मिलने-जुलने की परंपरा कैसी होती है?
बकरीद को परिवारों के फिर से जुड़ने का दिन माना जाता है - दूर रहने वाले रिश्तेदार भी इस मौके पर घर लौटते हैं, एक-दूसरे से गले मिलते हैं और पुरानी शिकायतें भुलाकर रिश्तों को मज़बूत करते हैं।
बकरीद की शुभकामनाओं के अलावा इसी त्योहार के लिए और क्या-क्या उपलब्ध है?
औपचारिक नाम पसंद करने वालों के लिए बकरा ईद शुभकामनाएं पेज भी उपलब्ध है, और छोटे पोस्ट के लिए बकरीद स्टेटस देखा जा सकता है।
बकरीद पर गरीबों और ज़रूरतमंदों तक मदद पहुंचाना क्यों ज़रूरी माना जाता है?
इस्लाम में कुर्बानी के गोश्त का एक हिस्सा ग़रीबों तक पहुंचाना अनिवार्य माना गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार भी बिना किसी भेदभाव के त्योहार की खुशियों और अच्छे भोजन में शामिल हो सकें। यह परंपरा बकरीद को सामाजिक समानता और भाईचारे के त्योहार के रूप में भी पहचान देती है।
2027 में बकरीद किस तारीख़ के आसपास पड़ने की संभावना है?
चांद दिखने पर आधारित इस्लामी कैलेंडर के अनुसार 2027 में बकरीद 17 मई के आसपास पड़ सकती है, लेकिन अंतिम तारीख़ चांद दिखने की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय होती है।
बकरीद के मौके पर सामुदायिक भोज और मेल-मिलाप का क्या महत्व है?
नमाज़ और कुर्बानी की रस्म के बाद मोहल्ले और समुदाय के लोग साथ बैठकर खाना खाते हैं, पड़ोसियों के घर पकवान भेजे जाते हैं, और इस तरह पूरा मोहल्ला त्योहार की खुशी में शामिल हो जाता है।
लोग बकरीद की मुबारकबाद और दुआएं एक-दूसरे तक कैसे पहुंचाते हैं?
आजकल बहुत से लोग अपनों तक भावनाएं पहुंचाने के लिए दिल को छू लेने वाली Wishes भेजते हैं, प्रोफाइल पर त्योहार से जुड़ा Status लगाते हैं, या भावनापूर्ण Shayari साझा करते हैं।

Send one to relatives after the morning prayers, or use it to greet neighbours and friends. If you know the day by its other name, see Al-Hijra Wishes as well.