Frequently Asked Questions
अक्षय तृतीया को हिन्दू और जैन धर्म में इतना शुभ क्यों माना जाता है?
मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान या निवेश "अक्षय" यानी कभी क्षय न होने वाला फल देता है। यह वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है और इसे साढ़े तीन शुभ मुहूर्तों में से एक माना गया है, जब बिना पंचांग देखे भी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
2027 में अक्षय तृतीया किस तारीख को है, और क्या यह तारीख हर साल बदलती है?
पंचांग के अनुसार अगली अक्षय तृतीया 8 मई 2027 को पड़ रही है। चूंकि यह तिथि चंद्र पंचांग (वैशाख शुक्ल तृतीया) पर आधारित है, इसलिए हर साल इसकी तारीख अंग्रेज़ी कैलेंडर में थोड़ी आगे-पीछे होती रहती है।
इस दिन सोना खरीदने और नई शुरुआत करने की परंपरा क्यों है?
सोने को समृद्धि और अक्षय (कभी न घटने वाली) संपत्ति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। व्यापारी नए बहीखातों की शुरुआत, गृह प्रवेश और विवाह जैसे मांगलिक कार्य भी इसी दिन करना पसंद करते हैं क्योंकि किसी विशेष मुहूर्त की ज़रूरत नहीं होती।
