सच्चाई और अच्छाई की तलाश कहीं भी करलो, अगर वो तुम्हारे अंदर नही है तो वो तुम्हें कहीं नही मिलेगी।
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सच्चाई और अच्छाई की तलाश कहीं भी करलो, अगर वो तुम्हारे अंदर नही है तो वो तुम्हें कहीं नही मिलेगी।
Sacchai aur acchai ki talash kahin bhi karlo, agar wo tumhare andar nahi hai to wo tumhe kahin nahi milegi.
