कमा के इतनी दौलत भी
मैं अपनी ”माँ” को दे ना पाया,
उतने सिक्के भी जितने सिक्कों से
”माँ” मेरी नज़र उतार कर फेक दिया करती !
feelthewords.com
कमा के इतनी दौलत भी
मैं अपनी ”माँ” को दे ना पाया,
उतने सिक्के भी जितने सिक्कों से
”माँ” मेरी नज़र उतार कर फेक दिया करती !
